चंडीगढ़ (मीडिया जंक्शन सुरेंद्र नेगी):- उत्तराखण्ड के लोकप्रिय लोक सङ्गीत बैण्ड Pandavaas (पण्डौ) पहली बार अपने स्वयं के आयोजन से एक विशेष लाइव कॉन्सर्ट टूर – धवाड़ि की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह टूर भारत के विभिन्न शहरों तक पहुँचेगा, जहाँ Pandavaas अपने प्रयोगात्मक लोक सङ्गीत और फ्यूज़न के माध्यम से दर्शकों को उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति से जोड़ेंगे।
Himalayan Folk Festival के अधीन पहले भी उत्तराखण्ड में #काफल फ़ेस्टिवल का आयोजन सारी-देवरियाताल गाँव (चोपता-रुद्रप्रयाग) में सफल रहा है।
और इसी himalayan #folk Festival के अधीनअब उत्तराखण्ड से बाहर इस शृङ्खला पहला पड़ाव चण्डीगढ़ है, जहाँ 12 अक्टूबर 2025 को कलाग्राम में यह भव्य आयोजन किया जाएगा। यह पहली बार है जब Pandavaas #उत्तराखण्ड से बाहर स्वयम् -आयोजित ईवेण्ट कर रहा है, खासकर प्रवासी उत्तराखण्डियों और लोक सङ्गीत प्रेमियों के लिए।
आयोजन का उद्देश्य
#Pandavaas का मानना है कि पर्वतीय कार्यक्रम केवल रंगारंग प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं होने चाहिए। इस पहल के ज़रिए बैण्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि—
* कलाकार और तकनीकी टीम को उच्चस्तरीय मञ्च और उपकरण उपलब्ध हों।
* दर्शकों को उत्कृष्ट ध्वनि, रोशनी, दृश्य और पारम्परिक #वेशभूषा का अनुभव मिले।
* गाँव की खुशबू और संस्कृति से भरे कार्यक्रम राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता के साथ प्रस्तुत हों।
Pandavaas का लक्ष्य है कि नए बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग—सभी इस अनुभव से जुड़ें और पहाड़ी संस्कृति को एक आधुनिक मञ्च पर देखें-सुनें।
विशेषताएँ
* कार्यक्रम tickets के आधार पर आयोजित होगा, जिसमें seating और standing दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।
* इवेण्ट की तैयारी तीन महीने पहले से चल रही है, और कलाग्राम को इसके लिए उपयुक्त स्थल चुना गया।
* आयोजन पूरी तरह से स्ववित्तपोषित (self-funded) है। बेहतर साउण्ड, लाइट, वेन्यू और तकनीकी टीम को श्रीनगर गढ़वाल से बुलाना एक बड़ा निवेश है। टीम मानती है कि यह प्रयास जोखिम भरा अवश्य है, लेकिन भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
टीम: – मञ्च पर: ईशान, अनिरुद्ध, श्रेष्ठ, राकेश, गौरव, दीपक, अंशुल, सुशान्त, शिवानी, ख्याति और श्रुति।
बैकस्टेज टीम: कुणाल, सलिल, नवदीप, ऋषि एवं लोकेश।
इससे पहले भी pandavaas दिल्ली, बैंगलोर, और उत्तराखण्ड के अन्य गाँव शहरों में प्रस्तुति दे चुका है। ग्रुप केवल लोकगीत और अपने चैनल से रिलीज़ गीतों की प्रस्तुति देता है इसी वर्ष ३८ वें राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह में भी Pandavaas ने २५००० दर्शकों के बीच प्रस्तुति दी एवं राष्ट्रीय खेल के लिए theme song भी बनाया जो पूरे देश में खेलप्रेमियों तक पहुँचा था।
Pandavaas का सन्देश, चण्डीगढ़ और ट्राइसिटी के लोग हमारे इस प्रयास का सहयोग करेंगे और उत्तराखण्ड की धड़कनों को अपने दिल से महसूस करेंगे। धवाड़ि सिर्फ़ एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि हमारी लोकसंस्कृति का जश्न है।”
कार्यक्रम के टिकट Pandavaas की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। साथ ही इंस्टाग्राम पेज पर उपलब्ध स्कैन कोड के माध्यम से भी टिकट आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।
उत्तराखंड की धवाड़ि टीम पांडवाज़ बैण्ड के साथ चंडीगढ़ पहुंची, +2 तक के स्टूडेंट के लिए एंट्री फीस फ्री
