जय शिव गोरखनाथ वाल्मीकि मंदिर दरिया में माता महाकाली मूर्ति स्थापना पर हुआ भव्य कीर्तन, भक्तिमय माहौल में गूंजे जय माता दी के नारे

चंडीगढ़, /दरिया/(मीडिया जंक्शन ):-
जय शिव गोरखनाथ वाल्मीकि मंदिर दरिया में माता महाकाली की मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे क्षेत्र का वातावरण देवी भक्ति में सराबोर हो गया। मंदिर प्रांगण में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सभी ने माता रानी के चरणों में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत गुरप्रीत सिंह हैप्पी, पूर्व सरपंच द्वारा ज्योति प्रज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर धर्मेंद्र सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं नोमिनेट नगर निगम चंडीगढ़ के वार्ड नंबर 9 के एमसी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने माता महाकाली की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर समाज में धार्मिक एकता और सद्भावना का संदेश दिया।

इस पवित्र आयोजन का नेतृत्व श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर योगी बाबा देव नाथ वाल्मीकि समाज के जगत गुरु ने किया। बाबा देव नाथ जी ने अपने आशीर्वचन में सनातन धर्म की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “माँ महाकाली शक्ति और न्याय की प्रतीक हैं, जो अपने भक्तों के सभी दुखों का अंत करती हैं। समाज में प्रेम, एकता और सेवा का भाव ही सच्चा धर्म है।”

पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु माता रानी के भजनों में लीन रहे। भजन कीर्तन का संचालन सोहित बावा ने किया, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज़ में माँ के भजनों से वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया। “जय माता दी” के गगनभेदी जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान होता रहा।

कार्यक्रम के दौरान दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कई महिला मंडलियों ने माँ काली की आरती में हिस्सा लिया और दीपों की रोशनी से पूरा मंदिर परिसर आलोकित हो उठा। भक्तों ने माता के चरणों में नारियल, फल और प्रसाद अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं।

कार्यक्रम के समापन पर बाबा देव नाथ जी ने विशेष रूप से कन्याओं को भोजन करवा कर कन्या पूजन का आयोजन किया, जो देवी परंपरा का एक महत्वपूर्ण भाग है। उन्होंने सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि “कन्याएं स्वयं देवी का रूप हैं, उनका सम्मान और सेवा ही सच्ची पूजा है।”

इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय समाज सेवकों ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में सद्भाव, एकता और भक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।

मंदिर प्रांगण में पूरे दिन भक्ति संगीत, हवन, आरती और प्रसाद वितरण चलता रहा। अंत में बाबा देव नाथ जी के आशीर्वाद से कार्यक्रम का समापन हुआ और भक्तों ने माँ महाकाली से अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की प्रार्थना की।

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