चण्डीगढ़ (मीडिया जंक्शन/सुरेंद्र नेगी): आमजन के मन में आयुर्वेद के बारे में काफी भ्रांतियां हैं। पंचकूला में आगामी 12 दिसंबर से आयोजित होने जा रहे विशाल आयुर्वेद महोत्सव 2025 में इन सभी भ्रांतियों का निवारण एवं निदान किया जाएगा। ये कहना था सम्मेलन के संरक्षक वैद्य राकेश शर्मा का, जो आज एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों से मुखातिब थे। सेक्टर 31 स्थित सीआईआई मुख्यालय “में आयोजित इस प्रेस वार्ता में वैद्य राकेश शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद महोत्सव 2025 समग्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक टर्निंग प्वाइंट साबित होगा, क्योंकि इसमें देश के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्यों सहित 6 हजार से अधिक आयुर्वेद चिकित्सक और आयुर्वेद औषध निर्माता शामिल होंगे। ये मंच सभी भ्रामक दुष्प्रचार का तोड़ प्रस्तुत करेगा।
भारतीय आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा विरासत और आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति को समर्पित इस सम्मेलन के मार्गदर्शक डॉ. संजीव गोयल तथा आयोजन अध्यक्ष डॉ. ऋषभ दीक्षित ने बताया कि यह महोत्सव न केवल आयुर्वेद के वैज्ञानिक विकास को नई दिशा देगा, बल्कि जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में इसके उपयोग को भी सुदृढ़ बनाएगा।आयोजकों ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गैर लाभकारी संस्था आयुर वैद्य एजुहेल्थ फाउंडेशन द्वारा पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में 12 से 14 दिसंबर तक आयुर्वेद महोत्सव 2025 का भव्य आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा, स्वास्थ्य संरक्षण, योग और औषधीय पौधों पर आधारित विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित होंगी। प्रदर्शनी, स्वास्थ्य शिविर, विशेषज्ञ व्याख्यान और जागरूकता सत्र महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेंगे। समारोह में हरियाणा के राज्यपाल अशीम कुमार घोष, केंद्रीय मंत्री, आयुष विभाग, के. प्रताप राव जाधव, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी तथा मुख्यमंत्री हरियाणा के राजनीतिक सचिव तरूण भंडारी मुख्य अतिथियों के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में देश भर से 4000 आयुर्वेद चिकित्सक और 50 से अधिक देश के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य शामिल होंगे। साथ ही 100 से अधिक आयुर्वेद औषध निर्माता भी भाग लेंगे, जो निःशुल्क औषधि वितरण भी करेंगे।
यह राष्ट्रीय आयोजन देशभर के आयुर्वेद चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के लिए एक अद्वितीय मंच बनेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों से लगभग चार हज़ार प्रतिभागी उपस्थित रहेंगे। वैद्य राकेश शर्मा ने बताया कि इस महा सम्मेलन में राज्य की आयुष मंत्री सुश्री आरती सिंह राव भी महोत्सव की शोभा बढ़ाएँगी। महोत्सव में विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रोफ़ेसर पी. के. प्रजापति, चंडीगढ़ के सीआईआई अध्यक्ष ल तरनजीत सिंह भामरा तथा निशान्त मेहरा (विशेष कार्याधिकारी, आयुष मंत्री, भारत सरकार), प्राध्यापक महेश कुमार दधीच, सुश्री संतोष नौटियाल, डॉ. तन्मय गोस्वामी, श्रीमती रुचि श्रीवास्तव, अजीत पाल सिंह, विक्रम बैद्यनाथ उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान करेंगे। इनके अनुभव और मार्गदर्शन से आयुर्वेद के प्रशासनिक, औषधीय, अनुसंधानात्मक तथा नीति–निर्माण से जुड़े विषयों को सशक्त दिशा मिलेगी।
महोत्सव में सौ से अधिक आयुर्वेदिक औषधि निर्माता संस्थान सहभागिता कर रहे हैं, जो अपनी नवीन औषधियों, वनौषधियों, अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे। आम जनता के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, तथा विविध स्वास्थ्य–जाँच और परामर्श शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे समाज के व्यापक वर्ग को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
