भारत का Zen-G (युवा वर्ग) स्वामी विवेकानंद व शहीद-ए-आज़म, भगत सिंह का अनुगामी है

<span;><span;>- (मिडिया जंक्शन):-

भारत अनेक ऋषि-मुनियों,  महापुरुषों, त्यागी-तपस्वीयों व बलिदानियों की पावन धरा है यहां पर शिशुकाल,  बाल्यकाल, युवा अवस्था वह प्रौढ अवस्था में भी देश पर अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की परिपाटी युगों-युगों से चलती आ रही है। दुनिया के किसी भी देश का इतिहास इतना गौरवशाली नहीं है जितना कि भारत का। इस देश को जब-जब भी कुर्बानी, बलिदान, समर्पण  और त्याग की आवश्यकता पड़ी तब-तब ही देश के हर आयु वर्ग ने अपना बलिदान व सर्वस्व न्यौछावर किया है। भरत, वीर अभिमन्यु, वीर हकीकत राय, बाबा जोरावर सिंह, अजीत सिंह, झुझार सिंह, फतेह सिंह, लव-कुश व अरुणि आदि अनेक वीर बालकों ने इस देश की रक्षा-सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने में इंच मात्र भी देरी नहीं की। इस देश की तरुणाई शहीदे आज़म भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, वीर शिवाजी, मंगल पांडे, रास बिहारी, उधम सिंह व अशफाक उल्ला खां जैसे अनेकों युवाओं ने अपनी जवानी को देश पर कुर्बान करने में कोई गुरेज नहीं किया वैसे अनेक वीर महापुरुषों लाला लाजपत राय, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, झांसी की रानी, सरदार वल्लभभाई पटेल, महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, सुभाष चंद्र बोस, राम प्रसाद बिस्मिल, रानी दुर्गावती, झलकारी बाई, लाल बहादुर शास्त्री, डॉ भीमराव अंबेडकर, सावित्री बाई फुले, डॉ राजेंद्र प्रसाद सहित अनेक अनगिनत वीरों ने इस देश को बचाने के लिए हंसते-हंसते न केवल अपना बलिदान दिया बल्कि अपने समस्त परिवार को भी देश पर वार दिया। वैसे ही इस देश के अनेक संत महात्माओं, जैसे स्वामी विवेकानंद, स्वामी दयानंद सरस्वती, समर्थ गुरु रामदास, महर्षि वाल्मीकि, संत शिरोमणि रविदास, मीराबाई, गुरु गोविंद सिंह, हिन्द की चादर गुरु तेग बहादुर, रहीम दास, कबीर दास जैसे अनेक संत भी इस देश की पावन धरा पर अवतरित हुए जिन्होंने संत परंपरा में रहकर देश की मजबूती के लिए व देश की आध्यात्मिक शक्ति को सबल देने व सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए जन जागरण किए और अपना जीवन देश की एकता अखंडता के लिए  त्याग दिया। जिसे युगों-युगों तक स्मरण किया जाएगा।  जिस देश का इतिहास हर आयु वर्ग के बलिदान के लिए जाना जाता है उस देश का Zen-G (युवा वर्ग) कैसे उनके बलिदानों को भूलकर विपक्ष द्वारा दिए गए भ्रामक बयानों को  अपना सकता है? यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज देश का विपक्ष दुनिया के एक मात्र “तरुण देश भारत” के युवाओं को दिग्भ्रमित करने की बार-बार  कुचेष्ठा कर रहा है  वह युवाओं को आगे करके देश में नेपाल, अफगानिस्तान, बंगाल, श्रीलंका जैसी अराजकता फैलाना चाहता है जिसे युवा कतई स्वीकार नहीं कर रहा।
आज का युवा भली-भांति जानता है कि ये विपक्ष के लोग देश में केवल राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर देश का माहौल खराब करने का पुलावी ख्वाब देख रहे हैं। आज युवाओं के सहयोग से भारत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है-  वहीं आज भारत का सड़क   यातायात मार्ग दुनिया के तीसरे स्तर का यातायात  मार्ग बन चुका है जो आने वाले समय में भारत की तकदीर को बदलने का काम करेगा। इस व्यवस्था से भारत में आधुनिक औद्योगिक क्रांति आएगी, जिससे युवाओं को न केवल अधिक से अधिक रोजगार मिलेंगे बल्कि वे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार देने वाले भी बन सकेंगे।
मैं युवाओं के माध्यम से देशवासियों और विपक्ष से ये पूछना चाहता हूँ? कि आज तक ऐसा कौनसा प्रधानमंत्री आया है (स्व. श्री अटल जी को छोड़कर) जो अपना सर्वस्व देश के गौरव, सम्मान व आत्म रक्षा के लिए खड़ा है। पूरी दुनिया में भारत हर क्षेत्र में द्रुतगति से आगे बढ़ रहा है
श्री मोदी ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत, आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत, स्वावलंबी भारत, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला भारत, सक्षम भारत, स्टार्टअप इंडिया के जो संकल्प लिए हैं ये सभी संकल्प युवाओं के सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होंगे। मैं आप सबको पूर्ण विश्वास दिला सकता हूँ कि श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत निरंतर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। हमें मोदी के नेतृत्व और योजनाओं पर पूर्ण विश्वास करना होगा। हमें 2014 से पूर्व के भारत और आज के भारत की तुलना अवश्य करनी होगी। पहले देश में कितने एक्सप्रेस हाईवे थे? और आज कितने हैं, पहले कितने एयरपोर्ट थे? और आज कितने हैं, पहले कितनी वन्दे भारत ट्रेन थी? और आज कितनी हैं पहले कितने AIIMS थे और आज कितने हैं। क्या?  दुनिया का सबसे बड़े स्टेडियम का गौरव आज भारत को नहीं है क्या? आज दुनिया का सबसे लम्बा एक्सप्रेस-हाईवे भारत में नहीं है, क्या? दुनिया की सबसे बड़ी टनल भारत में नहीं है। क्या? भारत की सेना दुनिया की शीर्ष तीन सबसे ताकतवर सेनाओं में शामिल नहीं है, क्या? आज भारत आटोमोबाइल के क्षेत्र में दुनिया की तीसरी बड़ी ताकत नही है, फिर क्यों विपक्ष बार-बार युवाओं को  बहकाने काम कर रहा है? जबकि देश का युवा अनेकों प्रदेशों के चुनाव में विपक्ष को अपने मताधिकार से बता चुका है कि इस समय देश सुरक्षित हाथों में है और भारत हर क्षेत्र में सबका साथ सबका विकास और सबके विश्वास के मुलमंत्र निरंतर आगे बढ़ रहा है। वहीं विपक्ष को भी पक्ष द्वारा जो अच्छे व लोकहित के कार्य किए जा रहे हैं उनमे उनकी सराहना करनी चाहिए।

आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत राष्ट्रीय, सामाजिक, सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई धारा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में केन्द्र द्वारा किए गए नामकरण प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’, राजभवन का ‘लोक भवन’, तथा केन्द्रीय सचिवालय का ‘कर्तव्य भवन’ भारत के लोकतंत्र को लोक कल्याण एक नवीन, अर्थपूर्ण और गरिमामय स्वरूप प्रदान करेंगे।
ये नये नामकरण सत्ता के वैभव को नहीं, बल्कि जनसेवा, लोकसम्पर्क और कर्तव्यनिष्ठा के शाश्वत मूल्यों को प्रतिष्ठित करते हैं। पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने शासन को सत्ता नहीं, अपितु सेवा का सर्वोत्तम माध्यम माना है एक ओर जहां जहां पूरे विश्व में अनिश्चितताओं का वातावरण बना हुआ है वहीं इस समय भारत पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है और पूरी दुनिया इसकी ओर आस भरी निगाह से  देख रही है।  वैश्विक मंदी के दौर में भी भारत विकास की एक नयी गाथा लिख रहा है जिसे आज Zen-G (युवा वर्ग) न केवल देख रहा है बल्कि अनुभव भी कर रहा है। मोदी जी सातों दिन, 24 घंटे राष्ट्रहित की सतत् साधना में लगे हैं। प्रधानसेवक भाव से प्रेरित यह दूरदर्शी पहल विकसित भारत के स्वर्णिम संकल्प को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण, गौरवपूर्ण आयाम हैं।

लेखक:- सुभाष चंद्र
कार्यकारी वाइस चेयरमैन
स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा सरकार,
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनितिक विशलेषक

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