बरवाला, (मीडिया जंक्शन- विक्रांत/चंद्रपाल राणा) नगर निगम पंचकुला के वार्ड नं 20 के गांव जलौली में मानसून की पहली ही बरसात ने गांव के विकास के दावों की पोल खोल दी है।वीरवार को हुई पहली बरसात में हर एक गली कीचड़ से लबालब थी।गांव की मुख्य गली जोकि राष्ट्रीय राजमार्ग से गांव के बाहर फिरनी तक जाती है उसमें गांव के प्रवेश द्वार पर दो दो फुट पानी जमा है जिस कारण वहां से गुजरने वाले स्कूली बच्चों के जूते व कपड़े कीचड़ से खराब हो गए।बड़ी मुश्किल से बच्चों को घरों तक ले जाया गया।गांव का मुख्य रास्ता होने के कारण हर गांववासी को उस पानी से गुजर कर जाना पड़ रहा है इसी तरह गांव के खेड़े मंदिर के नजदीक पानी की वजह से नालियों का कीचड़ उछलकर गली में बिखर गया है और उससे तेज बदबू ने लोगों को परेशान कर रखा है।गांव निवासी सीपी राणा, सोनू राणा, योगराज शर्मा, जुल्फकार, अशोक कुमार, पुष्पिंदर सिंह, सतबीर फौजी, जितेंद्र सिंह, मनफूल खान, पिंकी राणा, मोहन राणा सहित कई गांववासियों का कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से इस गली को दोबारा बनाने और नालियों को ऊंचा उठाने के लिए पूर्व पार्षद से लेकर नगर निगम के अधिकारियों तक कई बार गुहार लगा चुके हैं यहां तक नगर निगम कमिश्नर के गांव के औचक निरीक्षण के दौरान भी उनको मौका दिखाकर इस गली और नालियों को बनाने की गुहार लगाई थी परंतु आज तक किसी ने भी इस गांव की सुध नहीं ली। लोगों का कहना है कि अब बरसात के इस पूरे सीजन में उन्हें नरक जैसी जिंदगी गुजारनी पड़ेगी।सभी गांववासियों ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस गली को तुरंत बनाया जाए यदि गली बनाना सम्भव नही है तो कम से कम नालियों और नालों की सफाई ही करवा दी जाए
पंचकूला नगर निगम के गांव जलौली में गंदे पानी से निकलने को मजबूर स्कुल के बच्चे।
