मीडिया जंक्शन- विक्रांत शर्मा ब्यूरो चीफ/ चंडीगढ़। : मैकमिलन एजुकेशन इंडिया ने 31 अक्टूबर को हयात सेंट्रिक, चंडीगढ़ में लर्निंग थ्रू राइम्स, म्यूजिक एंड मूवमेंट’ विषय पर एक इंटरैक्टिव वर्कशॉप का आयोजन किया। इसका उद्देश्य बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और विकास के क्षेत्र में नई एवं प्रभावी शिक्षण रणनीतियों पर चर्चा करना तथा शिक्षकों को उपयोगी जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में चंडीगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के करीब 80 स्कूलों के शिक्षक और प्रिंसिपल शामिल हुए। सत्र का संचालन रिसोर्स पर्सन डॉ. दीपाली सिंह ने किया।
कार्यक्रम के दौरान मैकमिलन एजुकेशन इंडिया के दो प्रमुख उत्पाद **‘Hop Skip and Jump’ और Altura AIR’ लॉन्च किए गए। ‘Hop Skip and Jump’ प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए तैयार किया गया एक इंटरैक्टिव पैकेज है, जिसमें प्रिंटेड किताबों के साथ विभिन्न शिक्षण सामग्री शामिल है।
वहीं Altura AIR एक इंटीग्रेटेड एजुकेशन सॉल्यूशन है, जिसका उद्देश्य बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार, विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर रखने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह पंजाब, हरियाणा सहित देश के अन्य हिस्सों के स्कूलों में भी लोकप्रिय हो रहा है।
मैकमिलन एजुकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और NCERT के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग सामाजिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों को समान सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तकों के साथ डिजिटल लर्निंग, असेसमेंट और विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर रखने वाले टूल्स को जोड़ा गया है। इससे स्कूल और शिक्षक विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति को मॉनिटर कर सकते हैं, साथ ही सीखने में आने वाली कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए लक्षित सहायता प्रदान कर सकते हैं।
यह कार्यक्रम कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए है। इसका प्री-प्राइमरी संस्करण Altura Buddies’के नाम से नर्सरी से UKG तक की कक्षाओं के लिए उपलब्ध है। पूरे पैकेज में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन जैसे विषय शामिल हैं।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि केवल तकनीक के माध्यम से शिक्षा में बदलाव संभव नहीं है। इसके लिए शिक्षक प्रशिक्षण, बेहतर बुनियादी ढांचा और सकारात्मक सोच भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। कंपनी पिछले पांच वर्षों से शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है और स्कूलों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर अपने कार्यक्रम में लगातार सुधार कर रही है।
उन्होंने बच्चों के स्क्रीन टाइम को संतुलित रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि अभिभावकों को बच्चों को शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तकनीक के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, लेकिन अनावश्यक मनोरंजन के लिए स्क्रीन के इस्तेमाल को सीमित करना चाहिए।
इस पहल का उद्देश्य तकनीक को शिक्षकों के लिए एक सहायक माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना और यह सुनिश्चित करना है कि सीखने में कठिनाई या व्यक्तिगत ध्यान की कमी के कारण कोई भी बच्चा पीछे न रह जाए।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त अतिरिक्त उपायुक्त श्री राकेश कुमार बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
