चंडीगढ़ (मीडिया जंक्शन-/हरीश/चेतन):- श्री महावीर मुनि सभा रजि द्वारा साधु आश्रम सेक्टर-२३ डी चंडीगढ़ में कार्तिक मास में गोवर्द्धन पूजना के पश्चात रविवार को विशाल कड़ी चावल का भंडारा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर समाजसेवी पंडित आरके शर्मा ने बताया कि यह प्रथा सभा द्वारा श्री मुनि गौरवानंद जी महाराज के समय से यथावत निर्वाहित की जा रही है। मंदिर के प्रमुख पंडित दीपराम शर्मा ने इस कार्तिक माह का महत्व को बताते हुए कहा कि कार्तिक मास में दीपक जलाने …कार्तिक मास को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें भगवान विष्णु की पूजा, दीपदान, तुलसी पूजा और पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। इस महीने को ‘दामोदर मास’ भी कहते हैं क्योंकि इसी दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और दीपावली सहित कई त्योहार मनाए जाते हैं। इस मास में किए गए धार्मिक कार्यों से पाप नष्ट होते हैं, अक्षय पुण्य मिलता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
इस अवसर पर श्री महावीर मुनि सभा रजि के प्रधान दलीपचंद गुप्ता ने बताया कि श्री गुरू महाराज की आसीन कृपा से उनके जीवन से लेकर अब तक निर्विघ्न वर्ष के चारों कार्यक्रमों को बाखुबी सभा निभाया रही है। कार्तिक मास में गोवर्द्धन पूजन भी बड़ी श्रद्धा व धूमधाम से मनाय जाता है। संत महात्माओं के अलावा जनता को भी प्रसाद के साथ विशेष कड़ी-चावला का भंडारे का वितरण किया जाता हैं, जिसे ने केवल लोकल बल्कि दूरदराज़ से भी भक्तजन पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।
समाजसेवी विक्रांत तथा हरीश शर्मा ने बताया कि यहाँ कि महिमा ही निराली है, हर समय असहाय लोगों के लिए भी गुरू दरबार खुला रहता है। यहाँ दूरदराज़ आए मुसाफ़िरों को ही नहीं बल्कि पीजीआई में आए मरीज़ों के लिए विशेष नि:शुल्क सेवा की जाती है। खाना-पीना, ठहरना व दवाइयों से लेकर एम्बुलेंस सुविधा भी मुहैया करवाई जाती है।
मुनि मंदिर में संत महात्माओं के अलावा मरीज़ों को भी मिलती है पुरी सुविधाएं , लगते हैं विशाल भंडारे
