रायपुर रानी में दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर

203 लोगों ने किया रक्तदान, अतिथियों ने कहा – रक्तदान है महादान

 

रायपुर रानी, पंचकूला ( मीडिया जंक्शन-):-

 

 

ब्रह्मकुमारीज संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रायपुर रानी स्थित ब्रह्मकुमारीज लाइट हाउस पंचराम कॉलोनी में रविवार को विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और बाहर से आए स्वयंसेवकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर कुल 203 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। शिविर में पूरे दिन उत्साह का माहौल बना रहा। ब्रह्मकुमारीज बहनों ने राजयोग ध्यान और दादी प्रकाशमणि जी के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंग सुनाए, वहीं डॉक्टरों की टीम ने रक्तदाताओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। रक्तदान करने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और सम्मान चिह्न भेंट कर प्रोत्साहित किया गया। रक्तदान शिविर में पहुंचे मुख्य अतिथि और चंडीगढ़ एंड हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह बराड़ ने कहा कि रक्तदान से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। एक यूनिट रक्त तीन लोगों को जीवनदान दे सकता है और यह सीधे मानवता से जुड़ा कार्य है।

उन्होंने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी का पूरा जीवन समाज की सेवा और विश्व शांति के लिए समर्पित रहा। उनकी पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर का आयोजन करना वास्तव में उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। बराड़ ने युवाओं और समाजसेवियों से अपील की कि वे ऐसे आयोजनों को जीवन का हिस्सा बनाएं।

इस मौके पर चंडीगढ़ एंड हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन के चेयरमैन बलवंत तक्षक ने अपने विचार रखते हुए कहा कि रक्तदान को महादान कहा गया है। उन्होंने कहा कि हर स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। यह न केवल मरीजों के लिए जीवनदायी है बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रहकर सेवा कार्यों की ओर आगे आना होगा। आज के समय में जब अस्पतालों में रक्त की भारी कमी रहती है, तो रक्तदाता समाज के लिए संजीवनी बन सकते हैं। बलवंत तक्षक ने कहा कि रक्तदान करने वाले युवाओं से समाज को नई दिशा मिलेगी।

शिवर में इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलविंदर जम्मू ने कहा कि देशभर में हर दिन हजारों मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है। किसी दुर्घटना, प्रसव या ऑपरेशन के समय रक्तदान जीवन बचाने का सबसे बड़ा सहारा बनता है।

उन्होंने कहा कि जो लोग रक्तदान करते हैं, वे किसी देवदूत से कम नहीं हैं। उन्होंने दादी प्रकाशमणि जी के जीवन को याद करते हुए कहा कि उनका संदेश प्रेम, करुणा और मानव सेवा था। आज यहां आयोजित रक्तदान शिविर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का श्रेष्ठ उदाहरण है। श्री जम्मू ने पत्रकारों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे भी ऐसे शिविरों में सक्रिय भागीदारी करें।

इस मौके पर केंद्र संचालिका बी.के. किरण दीदी ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा उपहार है, क्योंकि यह सीधे किसी की जान बचाता है। उन्होंने बताया कि शिविर में जुटे 203 यूनिट रक्त कई मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि को सेवा के रूप में मनाना ही उनके आदर्शों का पालन करना है। हरयोली गांव के नंबरदार ताज मोहम्मद ने भी शिविर में आए अतिथियों और रक्तदाताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल सेवा ही नहीं, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इसे आदत बनाएं और साल में कम से कम दो बार रक्तदान जरूर करें।

यह रक्तदान शिविर ब्रह्मकुमारीज एवं सोशल मीडिया विंग के तत्वावधान में आयोजित हुआ। सह-आयोजक के रूप में चंडीगढ़ एंड हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन (रजि.) और श्री शिव कवाड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट पंचकूला ने सक्रिय भूमिका निभाई। रक्त संग्रह का कार्य पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 से आई डॉक्टरों की विशेष टीम ने किया। टीम ने दिनभर शिविर में जुटकर रक्तदाताओं का मार्गदर्शन किया और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद रक्त एकत्रित किया। कार्यक्रम के दौरान ब्रह्मकुमारीज बहनों ने राजयोग ध्यान कराया, जिससे रक्तदान करने आए लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। कई रक्तदाताओं ने पहली बार रक्तदान किया और कहा कि उन्हें आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ।

  • शिविर में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। कई परिवारों ने मिलकर रक्तदान किया और इसे दादी प्रकाशमणि जी को सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

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