पंचकूला में नेपाली समाज ने धूमधाम से मनाया हरितालिका तीज उत्सव
हजारों महिलाओं ने लाल साड़ी और पारंपरिक गीतों के साथ दिखाया संस्कृति का रंग
पंचकूला, ( मीडिया जंक्शन-):- मूल प्रवाह अखिल भारत नेपाली एकता समाज, नगर समिति पंचकूला-डेराबस्सी द्वारा हरितालिका तीज का भव्य आयोजन पंचकूला सेक्टर-12 स्थित यादव भवन में किया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में नेपाली महिलाएँ, बच्चियाँ और युवा एकत्र हुए और पारंपरिक परिधान एवं लोक गीतों के साथ उत्सव को धूमधाम से मनाया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाएँ लाल साड़ी और श्रृंगार से सजी हुईं नजर आईं। पारंपरिक नेपाली लोक गीतों और नृत्य ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छोटी-छोटी बच्चियों ने भी मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस मौके पर पूरा वातावरण उल्लास और उमंग से भरा दिखाई दिया।
विशिष्ट अतिथि और आयोजन की झलक
आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में तिलक राम पोंडियाल और मुख्य अतिथि प्रेम आचार्य ने शिरकत की। दोनों ने समाज की एकजुटता और संस्कृति की सराहना करते हुए उपस्थित जनसमूह का उत्साहवर्धन किया।
महिला संयोजक माया आचार्य ने महिलाओं के साथ मंच पर नृत्य प्रस्तुत कर संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। पंचकूला, डेराबस्सी, ज़ीरकपुर, अमरावती और पिंजौर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नेपाली समाज के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर नेपाली व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।
हरितालिका तीज का महत्व
हरितालिका तीज को नेपाली और उत्तर भारतीय समाज में अत्यंत पवित्र पर्व माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था और उसी की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है।
इस दिन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और पति की लंबी उम्र, दाम्पत्य सुख तथा परिवार की समृद्धि की कामना करती हैं। विवाहित महिलाएँ मायके से साज-श्रृंगार और उपहार प्राप्त करती हैं, जबकि अविवाहित लड़कियाँ अच्छे और योग्य पति की इच्छा से यह व्रत करती हैं। इस अवसर पर लाल साड़ी, हरे चूड़े और श्रृंगार को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
विशेष उपस्थिति
आयोजन में प्रेम आचार्य, महिला क्षेत्रीय संयोजक डी. वी. थापा, वरिष्ठ सदस्य पूरन थापा, चीत माया, माया आचार्य, कुमारी थापा सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ और नेपाली समाज के सदस्य मौजूद रहे।
