रायपुररानी स्थित ऐतिहासिक नगर खेड़ा महाराज मंदिर में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से वार्षिक भव्य भंडारे का आयोजन

रायपुररानी स्थित ऐतिहासिक नगर खेड़ा महाराज मंदिर में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से वार्षिक भव्य भंडारे का आयोजन

रायपुररानी नगर खेड़ा महाराज की पूजा का विशेष पौराणिक महत्व है मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं

(मीडिया जंक्शन-)रायपुररानी/ नन्द सिंगला। :-
रायपुररानी स्थित ऐतिहासिक नगर खेड़ा महाराज मंदिर में आज समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से वार्षिक भव्य भंडारे का आयोजन विधिविधान एवं धूमधाम से संपन्न हुआ। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त एकत्र होकर पूजा-अर्चना करते हैं और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।

सुबह 8 बजे कार्यक्रम की शुरुआत पंडित उपेंद्र शर्मा शास्त्री जी द्वारा नगर खेड़ा स्नान, वस्त्र अर्पण, पगड़ी एवं आरती के साथ की गई। इसके उपरांत हवन यज्ञ पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरे ग्राम में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा। मंदिर से लेकर रायपुररानी क्षेत्र तक भक्तों ने ढोल-नगाड़ों और दूध की धार के साथ भव्य शोभायात्रा (परेिक्रमा) निकाली, जिसमें महिला, पुरुष और बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

विशेष रूप से कन्या पूजन एवं भोग अर्पण के बाद दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ। हजारों की संख्या में भक्तों ने पंक्ति बद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और नगर खेड़ा महाराज के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।

भंडारे के आयोजक सदस्य कपिल अग्रवाल और बलवीर गुप्ता ने बताया कि यह वार्षिक आयोजन पूरे ग्रामवासियों के सहयोग से होता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सभी ने तन-मन-धन से योगदान देकर इसे सफल बनाया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक है।

पंडित उपेंद्र शर्मा शास्त्री जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि रायपुररानी नगर खेड़ा महाराज की पूजा का विशेष पौराणिक महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और व्यक्ति को पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ते हैं और लोगों में संस्कारों का विकास करते हैं।

भंडारे के दौरान दूर-दराज से आए भक्तों ने भी मंदिर में हाजिरी लगाई और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया। भक्तों ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें अपार शांति और आनंद की अनुभूति हुई।

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। प्रसाद वितरण, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई इस आयोजन में शामिल होकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा था। आयोजकों ने सभी ग्रामवासियों, दानदाताओं और सेवकों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने तन-मन-धन से सहयोग कर इस ऐतिहासिक भंडारे को सफल बनाया

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