चंडीगढ़, (मीडिया जंक्शन- विक्रांत):-पंजाब चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीसीसीआई) ने आज चंडीगढ़ के मध्य में “नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स-जीएसटी 2.0” विषय पर एक अत्यंत प्रभावशाली और दूरदर्शी सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार को ट्राइडेंट ग्रुप ने प्रायोजित किया, जो होम टेक्सटाइल्स में विश्व-प्रसिद्ध अग्रणी कंपनी है।
इस सेमिनार में 100 से अधिक व्यापारिक सदस्य, आईसीएसआई, आईसीएआई, आईसीएमए के अग्रणी प्रोफेशनल्स तथा वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हुए। यह आयोजन भारत के भविष्य के लिए एक अधिक मज़बूत, पारदर्शी और विकासोन्मुख वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ढांचे के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
सेमिनार में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राजन दत्त (आईआरएस), कमिश्नर, सेंट्रल जीएसटी प्रयागराज एवं मेंबर, लॉ कमेटी; एच.बी. नेगी, माननीय सदस्य, जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल; बलजीत खारा (आईआरएस) रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर; दीपक नंदा, मैनेजिंग डायरेक्टर- ट्राइडेंट लिमिटेड; एवं दिलीप शर्मा, सेक्रेटरी जनरल- पीसीसीआई उपस्थित थे।
सेमिनार का मुख्य सत्र प्रसिद्ध अप्रत्यक्ष कर विशेषज्ञ सीएस संजय मल्होत्रा द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने जीएसटी सुधारों पर स्पष्ट और गहन दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। सीएस मल्होत्रा ने हाल ही में संपन्न हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक से निकले नवीनतम प्रस्तावों को विस्तार से समझाया और प्रतिभागियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया।
अपने संबोधन में सीएस संजय मल्होत्रा ने बताया कि आने वाला जीएसटी 2.0 ढांचा भारत की टैक्स प्रणाली में बड़े बदलाव लाएगा। इसमें कई अहम कदम शामिल होंगे, जैसे संरचनात्मक सुधार करना, दरों का युक्तिकरण (यानी टैक्स दरों को संतुलित करना), अनुपालन को आसान बनाना (कागज़ी कार्रवाई और प्रक्रियाओं को सरल करना), और 90% रिफंड सात दिनों में जारी करना।
उन्होंने कहा कि ये बदलाव भारत के व्यापार और उद्योग पर लंबे समय तक सकारात्मक असर डालेंगे। उनके अनुसार जीएसटी 2.0 से वस्तुएं और सेवाएं सस्ती होंगी, खपत बढ़ेगी, जीडीपी को गति मिलेगी और सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ जैसे लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी। यह केवल छोटे बदलाव नहीं, बल्कि रोजगार बढ़ाने, नए विचारों को प्रोत्साहन देने और आत्मनिर्भर भारत बनाने की बुनियाद हैं।
सीएस मल्होत्रा ने आगे कहा कि जीएसटी सुधारों के सात स्तंभ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आधार तैयार करेंगे। उन्होंने दर युक्तिकरण को ऐसा कदम बताया जो वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें घटाएगा। इससे लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ेगी, मांग और खपत तेज होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया परिवारों की बचत बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहन देने और हर क्षेत्र में सतत आर्थिक विकास लाने में मदद करेगी।
सेमिनार में एक विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ, जिसमें व्यापारिक सदस्यों और राज्य व केंद्रीय जीएसटी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सत्रों के संचालन में युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। ऋतिका मल्होत्रा, कंवलप्रीत कौर, अभिषेक और अभि ने उत्कृष्ट मॉडरेशन करते हुए प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से जोड़ा। उनके प्रयासों की सराहना व्यापारिक सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खूब की गई, जिसने यह संदेश दिया कि भारत के कर सुधारों की यात्रा में युवा पीढ़ी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा कि सरकार, उद्योग और प्रोफेशनल संस्थाओं के बीच सतत सहयोग ही एक मज़बूत, न्यायसंगत और विकासोन्मुख जीएसटी व्यवस्था के विज़न को साकार करने की कुंजी है।
