ज्वाइंट एक्शन कमेटी फॉर नेशनल जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय संयोजक बने राजेश कुमार

पंचकूला/चंडीगढ(मीडिया जंक्शन-/चेतन शर्मा):-
देश के पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों, उत्पीड़न, झूठे मुकदमों, आर्थिक शोषण और सुरक्षा के अभाव के खिलाफ अब पत्रकार समाज ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। इसी क्रम में ज्वाइंट एक्शन कमेटी फॉर नेशनल जर्नलिस्ट्स का गठन करते हुए देश के प्रतिष्ठित मीडिया संगठनों एवं पत्रकार यूनियनों ने सर्वसम्मति से समाचार क्यारी मीडिया समूह के मुख्य संपादक श्री राजेश कुमार को इसका राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया।

यह निर्णायक बैठक पंचकूला स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित हुई, जिसमें हरियाणा सहित देशभर से आए बड़े मीडिया संस्थानों, यूनियनों और वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लिया। बैठक में साफ शब्दों में कहा गया कि अब केवल ज्ञापन और आश्वासन का दौर समाप्त हो चुका है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि
देश का पत्रकार आज सबसे अधिक असुरक्षित, उपेक्षित और शोषित वर्ग बन चुका है। सच दिखाने की कीमत पत्रकार अपनी जान, आज़ादी और रोज़गार से चुका रहा है, जबकि सरकारें मूकदर्शक बनी हुई हैं। पत्रकार सुरक्षा कानून वर्षों से फाइलों में दबा है और जमीनी स्तर पर पत्रकारों को कोई संरक्षण नहीं मिल रहा।

बैठक में उपस्थित
मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय राठी,
पत्रकार एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगरूप सिंह सहरावत,
वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया के श्री विनोद शर्मा,
वरिष्ठ पत्रकार श्री मनोज गोयल, श्री अनिल आर्य,
मनी माजरा प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री अजय सैनी सोनू, अध्यक्ष श्री मनजीत सहदेव,
वरिष्ठ पत्रकार श्री पी. वर्मा,
ट्राई सिटी प्रेस क्लब, ट्राईसिटी

सहित अन्य पत्रकारों ने दो टूक कहा—

«यदि सरकारों ने पत्रकारों के अधिकारों को तुरंत प्राथमिकता नहीं दी,
तो देशभर के पत्रकार सड़क से संसद तक आंदोलन करेंगे।
इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकारों की होगी।»

ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने ऐलान किया कि

>- पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू किया जाए

>- पत्रकारों पर हमलों के मामलों में फास्ट ट्रैक न्याय मिले

– मानदेय, बीमा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

– झूठे मुकदमों के जरिए पत्रकारों को डराने की प्रवृत्ति पर रोक लगे

राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त होने पर श्री राजेश कुमार ने कहा कि

«“अब पत्रकार चुप नहीं बैठेगा। यह संगठन देश के हर पत्रकार की ढाल बनेगा।
जरूरत पड़ी तो सरकारों को झुकाने के लिए देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।”»

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही

– राष्ट्रीय, – प्रदेश,

– एवं जिला स्तर पर आंदोलनात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी।

पत्रकारों की प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपे जाएंगे तथा देश के प्रत्येक जिले में उपायुक्तों के माध्यम से सरकार तक चेतावनी पहुँचाई जाएगी।

ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि देश के हर उस पत्रकार की है जो सच लिखने की सजा भुगत रहा है।
अब संघर्ष होगा, आंदोलन होगा और निर्णायक होगा।

—सरकारों को अंतिम चेतावनी — पत्रकार सड़कों पर उतरने को तैयार

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