शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च द्वारा बैलेंसिंग प्रोग्रेस एंड एथिक्स : ऐ आई इन एजुकेशन एंड मेन्टल हेल्थ सपोर्ट ” पर किया सेमिनार आयोजित

मोहाली(मीडिया जंक्शन- विक्रांत/ कर्म):-

शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च, फेज-6, मोहाली द्वारा शुक्रवार को “बैलेंसिंग प्रोग्रेस एंड एथिक्स : ऐ आई इन एजुकेशन एंड मेन्टल हेल्थ सपोर्ट ” विषय पर आईसीएसएसआर प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. उपासना जोशी, मानद निदेशक, आईसीएसएसआर कॉम्प्लेक्स, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़; मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. ओ. पी. कटारे, मानद प्रोफेसर एवं कंसल्टेंट, सीआईआईपीपी, पंजाब विश्वविद्यालय; तथा तकनीकी सत्रों के संसाधन व्यक्तियों के रूप में डॉ. जसवीर चहल, प्रो. चंदर कांत एवं डॉ. जागृति सैनी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त डॉ. सतपाल कौर ग्रेवाल (संस्थापक प्राचार्य), डॉ. गुरकिरणजीत नलवा (प्राचार्य, शिवालिक पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़), डॉ. अनुपकिरण कौर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया।

इस बारे में शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च मोहाली की प्रिंसिपल
डॉ. ज्योति सोनी ने बताया कि कार्यक्रम का आगाज कॉलेज के शब्द द्वारा किया गया । तत्पश्चात उनके द्वारा सभी अतिथियों को एक एक पौधे भेंट कर उनका औपचारिक रूप से स्वागत किया। इसके बाद संगोष्ठी संयोजक डॉ. गुनवंत कौर ने विषय की रूपरेखा प्रस्तुत की।
इस अवसर पर
मुख्य वक्ता प्रो. ओ. पी. कटारे ने अपने संबोधन में शोध एवं शैक्षणिक प्रक्रियाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और संगोष्ठी की कार्यवाही से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया।
इसी क्रम में
डॉ. जसवीर चहल द्वारा “ऐआई , सोशल मिडिया एंड मेन्टल हेल्थ ” विषय पर प्रथम तकनीकी सत्र
प्रस्तुत किया गया। जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार पर बल दिया।
वहीं द्वितीय तकनीकी सत्र डॉ. जागृति सैनी ने
“ ऐ आई फॉर रिसर्च एंड एकेडमिक राइटिंग ” पर व्याख्यान दिया। जिसमें उन्होंने शोध कार्यों में ऐआई के उपयोग और नैतिक मानकों के महत्व को स्पष्ट किया।
इसी तरह तृतीय तकनीकी सत्र प्रो. चंदर कांत ने “ इक्पेक्ट ऑफ़ ऐआई ऑन ह्यूमन लरनिंग, ह्यूमन वैल्यू एंड बिहावेयरल चंगेज ” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

  1. संगोष्ठी में हाइब्रिड मोड में शोध पत्र प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की गईं, जिसमें एक प्रतिभागी विदेश से भी सम्मिलित हुआ। कार्यक्रम का समापन डॉ. गुनवंत कौर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंत में राष्ट्रगान के पश्चात लंच का आयोजन किया गया।

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