प्रयागराज,/ चंडीगढ़ ( मीडिया जंक्शन-/ विक्रांत शर्मा):+
पावन संगम नगरी प्रयागराज में स्थित थावे विद्यापीठ के वर्ष 2026 के विशेष अधिवेशन एवं भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर देशभर से पधारे संत-महात्माओं, शिक्षाविदों, धर्माचार्यों एवं शंकराचार्यों की विशिष्ट उपस्थिति रही।
समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में आध्यात्मिक साधना, आयुर्वेद एवं योग के प्रचार-प्रसार, शिक्षा सेवा तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण में विशिष्ट योगदान हेतु डॉ. स्वामी राम दास जी को “विद्या वाचस्पति (Ph.D.)” की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उनके दीर्घकालीन तप, योग साधना, आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा एवं समाज कल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
डॉ. स्वामी राम दास जी ने वर्षों से आयुर्वेद के माध्यम से जनस्वास्थ्य सेवा तथा योग के द्वारा शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया है। उनके मार्गदर्शन में अनेक साधकों एवं रोगियों को लाभ प्राप्त हुआ है।
इस गरिमामयी अवसर पर महामंडलेश्वर डॉ. हरिहरानंद जी सहित अनेक विद्वान गणमान्य उपस्थित रहे, जिनमें नेहरू भारती विश्वविद्यालय के डॉ. देव नारायण पाठक, गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. प्रो. ईश्वरशरण विश्वकर्मा, मेरठ यूनिवर्सिटी के डॉ. राम प्रकाश रमन, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डॉ. आलोक कुमार विश्वकर्मा, कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक एवं कुलसचिव डॉ. पी. एस. दयाल प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने डॉ. स्वामी राम दास जी के आध्यात्मिक नेतृत्व, आयुर्वेद एवं योग के क्षेत्र में उनके योगदान तथा समाज निर्माण में उनकी भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उपस्थित संत समाज एवं शिष्य परिवार ने इसे गौरव एवं प्रेरणा का ऐतिहासिक क्षण बताया।
यह सम्मान न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समस्त संत समाज एवं सेवा परिवार के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
