चंडीगढ़ ( मीडिया जंक्शन-/चेतन शर्मा):-मनीमाजरा शहर चंडीगढ़ से भी पहले वर्चस्व में था और राजाओं के शहर के रूप में जाना जाता था। उस समय सबसे ज्यादा सुविधाएं इसी क्षेत्र में हुआ करती थी। जब से चंडीगढ़ बना यहाँ सुविधाएं नदारद हो गई। ये वो क्षेत्र है जहां 3 लाख से ज्यादा आबादी रहती है। चंडीगढ़ कार्पोरेशन में 3 पार्षद इस क्षेत्र से चुने जाते हैं। यहां से कार्पोरेशन के महापौर भी बने हैं पर यहाँ सुविधाएं ना के बराबर हैं। सबसे पहले अगर सफाई की बात करें तो एरिया में सफाई व्यवस्था चरमराई रहती है। बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के लिए कालेज नहीं। युवा और बच्चों के लिए खेल का मैदान नहीं, शुद्ध और स्वच्छ पानी नहीं। सडकों के हालात सबके सामने हैं। पार्को की देख रेख प्रोपर नहीं।
जहाँ तक स्वस्थ्य की बात है तो यहां हास्पिटल में डाक्टर व सपोर्टिंग की कमी हमेशा से रही है। स्पेशलिस्ट डाक्टर तो सैक्टर 16 के जरनल हास्पिटल से कभी कभी आते हैं। ईएनटी डाक्टर, आखों के डाक्टर, डैंटल डाक्टर व अन्य स्पेशलिस्ट डाक्टर की कमी हमेशा बनी रहती है। इसी तरह सपोर्टिंग स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, अल्ट्रासाउंड व एक्सरे मशीन चलाने वाले टेक्निकल स्टाफ की कमी भी हमेशा रहती है। ऑल मनीमाजरा वेल्फेयर एशोसियेशन के प्रधान एस एस परवाना का कहना है अकेले बिल्डिंग खड़ी करने से कोई भी संस्था या प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो जाता। उसके लिए पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए जो मनीमाजरा हॉस्पिटल में नदारद है। मनीमाजरा, चंडीगढ़ से भी पुराना बसा हुआ क्षेत्र है। यहां से प्रशासन को सबसे ज्यादा रिवन्यु मिलता है। यहां की आबादी 3 लाख से भी कहीं ज्यादा है। किसी भी सैक्टर की आबादी इतनी नहीं है। यहां से 3 पार्षद चुने जाते हैं। इस एरिया से कार्पोरेशन में मेयर / महापौर भी रहे हैं। इसी एरिया में एशिया की सबसे बड़ी मार्केट मोटर मार्केट है। भारत में सबसे बड़ा आईटी पार्क मनीमाजरा में है। एरिया के हिसाब से सबसे बड़ा सर्राफा बाजार है। यहां जम्मू-कश्मीर हिमाचल पंजाब हरियाणा के लोग खरीद फरोख्त करने के लिए आते हैं। जिससे सरकार को टैक्स का सबसे बड़ा हिस्सा मनीमाजरा सैक्टर 13 चंडीगढ़ से मिलता है।
प्रधान परवाना ने आगे कहा, जहां तक सुविधाओं की बात आती है वहां सबसे पिछड़ा हुआ एरिया मनीमाजरा माना जाता है। हास्पिटल है, पर पूरी सुविधा नहीं है। रात को तो डाक्टरों की बहुत कमी देखने को मिलती है। इतनी बड़ी आबादी में बच्चों को अगर कोई मैडिकली प्रोब्लम आ जाए तो बच्चों के डाक्टर नहीं मिलेंगे, सिटी स्केन की मशीनें नहीं, अक्सर एक्सरे की मशीन नहीं चलती, अल्ट्रासाउंड मशीन खराब है। हॉस्पिटल में दवा की दुकान पिछले दो महिने से ही खुली है। हास्पिटल से डाक्टर से दवाई की पर्ची मिलती है तो मरीज को दवा लगभग ना के बराबर मिलती है। इन सभी असुविधाओं को देखते हुए मरीज को सैक्टर 6 पंचकुला, सैक्टर 16 जनरल हॉस्पिटल, 32 के हॉस्पिटल या पीजीआई जाना पड़ता है या भेज दिया जाता है। जब मनीमाजरा से इतना रिवन्यु इकट्ठा होता है जो पूरे चंडीगढ़ का एडमिनिस्ट्रेशन को चलाने के लिए कमी पूरी करता है तो मनीमाजरा में सभी असुविधाओं का अम्बार क्यों? प्रशासन कृपया इस ओर ध्यान दे। ये कहना है ऑल मनीमाजरा वेल्फेयर एशोसियेशन मनीमाजरा चंडीगढ़ के प्रधान एस एस परवाना का, जो अपने पदाधिकारियों उपाध्यक्ष सुभाष धीमान व जनरल सैक्रेटरी राजबीर सिंह भारतीय के साथ हास्पिटल का मौका मुआयना करने के लिए पहुंचे थे। तथा मौके पर उपरोक्त विभिन्न प्रकार की कमियां पाई गई।
