हरियाणा में बेरोजगारी ने सारी सीमाएं लांघी ,प्रदेश के बेरोजगार युवाओ में हताशा व निराशा -ओ पी सिहाग

पंचकूला, (मीडिया जंक्शन/ विक्रांता):-: जननायक जनता पार्टी जिला पंचकूला के जिला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने प्रदेश में बेरोजगारी की विकराल होती समस्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज बीजेपी की प्रदेश सरकार को प्रदेश के लाखों पढ़े लिखे होनहार बेरोजगारों की कोई चिन्ता एवं प्रवाह नहीं है बल्कि सरकार युवाओ में जाति या धर्म के नाम पर आपस में फूट डालकर लड़ाने का काम कर रही है। अगर युवाओ का कोई संगठन आवाज़ उठाता है तो उसे सख्ती से कुचल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न सरकारी विभागों में हज़ारों पद रिक्त पड़े हैं परंतु प्रदेश सरकार जानबूझ कर इन खाली पदों को भरने की बजाए झूठे आश्वासन दे रही है तथा थोड़े बहुत उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओ को डी ग्रेड की नौकरी देकर बिना पर्ची बिना खर्ची का ड्रामा करके युवाओ को गुमराह एवं भ्रमित करने की कोशिश कर रही है ।ओ पी सिहाग ने कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार पिछले दरवाजे से अपने कार्यकर्ताओं को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत नियमो को ताक पर रखकर बिना मेरिट बिना आरक्षण के भर्ती कर रही है जो कि प्रदेश के होनहार एवं अरक्षित वर्ग के बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि ऐसे भी चर्चाओं का बाज़ार गर्म है कि दलालों के माध्यम से मजबूर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम लेकर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिए विभिन्न विभागों में अस्थायी नियुक्तियां की जा रही हैं। अलबत्ता तो किसी भी सरकारी विभाग में स्थाई पदों को भरने के लिए कोई विज्ञापन निकलते नहीं अगर कोई भर्ती प्रक्रिया शुरू हो भी जाती है तो चंद पोस्टों को भरकर 80 प्रतिशत तक पदों को उपयुक्त उम्मीदवार न मिलने के नाम का सहारा लेकर खाली रखा जाता है। जो पद भरे जाते हैं उनमे ज्यादातर बाहरी प्रदेशों के युवाओ को भरा जाता है।

जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी किस हद तक जा पहुंची है उसका अंदाजा हाल ही में हिसार तथा पानीपत डिस्ट्रिक्ट कोर्टों में चपरासी के मात्र 28 अस्थाई पदों के लिए तकरीबन 16000 से ज्यादा उच्च शिक्षित युवा जिनमें पीएचडी ,एमए ,बीए , एमबीए पास तक के बेरोजगार युवाओ ने आवदेन किया था जबकि चपरासी की नौकरी के लिए 8वी पास तक की योग्यता जरूरी है । उन्होंने कहा कि हिसार तथा पानीपत के जिला न्यायालयो में चपरासी के 28 अस्थाई पदों के किए 16000 से ज्यादा युवाओं का लंबी कतारों में लगना बेहद चिंताजनक और सोचने पर मजबूर करने वाला दृश्य है। ओ पी सिहाग ने कहा कि यह तस्वीर साफ दिखाती है कि हरियाणा का पढ़ा-लिखा युवा आज किस कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है, मोजूदा सरकार की बेरुखी की वज़ह से उनका मनोबल टूट चुका है, ज्यादातर युवा डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं और नशे की तरफ रुख कर रहे हैं। पीएचडी, एमए और ग्रेजुएट डिग्री धारक युवा भी छोटी सी नौकरी के लिए आवेदन करने को मजबूर हैं, क्योंकि प्रदेश में स्थायी और सम्मानजनक रोजगार के अवसर लगातार सीमित होते जा रहे हैं। जजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि य़ह स्थिति हरियाणा में बढ़ती बेरोजगारी की गंभीर वास्तविकता को उजागर करती है। जब योग्य और शिक्षित युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर नहीं मिलते, तो यह केवल व्यक्तिगत संघर्ष नहीं बल्कि व्यवस्था की चुनौती बन जाती है।

ओ पी सिहाग ने कहा कि ऐसे समय में प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा प्राइवेट सेक्टर में 75% हरियाणवी युवाओं को रोजगार देने का कानून एक दूरदर्शी और युवाओं के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम था , वो सबको याद आता है। इस कानून का उद्देश्य स्पष्ट था, हरियाणा में स्थापित होने वाले उद्योगों और कंपनियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिले, ताकि उन्हें अपने ही प्रदेश में रोजगार, सम्मान और स्थिर भविष्य मिल सके। यदि य़ह कानून कोर्टों में नहीं घसीटा गया होता तथा पूरी पारदर्शिता, सख्ती और उद्योगों के साथ संतुलन बनाकर प्रभावी रूप से लागू किया गया होता तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाती तो बेरोजगारी पर ठोस नियंत्रण संभव था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार कोर्ट में इस केस की पैरवी ठीक ढंग से नहीं कर रही है क्योंकि उनको डर है कि अगर कोर्ट में ये केस सरकार के हक में हो गया तो प्रदेश के प्राइवेट संस्थानों में 75 प्रतिशत नौकरियां प्रदेश के युवाओ को मिलने लग जाएंगी तो सारा क्रेडिट पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को मिलेगा। ओ पी सिहाग ने कहा कि हरियाणा का युवा पलायन नहीं, अवसर चाहता है इसलिए प्रदेश सरकार को तुरंत खाली पड़े पदों को भरने के लिए कार्यवाही करनी चाहिए तथा प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को मौका दिया जाना चाहिये।

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