चंडीगढ़ (मीडिया जंक्शन/सुरेंद्र नेगी) चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने कहा कि ऐसे मेले देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति के संगम का प्रतीक हैं, वहीं ये राष्ट्रीय एकता मजबूत करने में भी अहम योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि इस मेले में देश के अनेक राज्यों से आए हुए हस्त शिल्प के उत्पादों के स्टालों से लोगों को विभिन्न उत्पाद देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। इस मेले में लगभग 20 राज्यों के कारीगर और लोक कलाकार भाग ले रहे हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों का जिक्र करते हुए भारत और चीन की अक्षुण्ण संस्कृति का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन का सांस्कृतिक कार्य विभाग उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस महोत्सव में पूर्ण सहयोग देता है। उन्होंने मेले में आए हस्त शिल्पियों के उत्पादों की सराहना की।
उन्होंने बताया कि इस मेले में चंडीगढ़ ललित कला अकादमी का भी सहयोग भी रहता है। अकादमी के के सौजन्य से यहां पुराने कैमरों और टेलीफोंस की अद्भुत प्रदर्शनी लगाई गई है। मुख्य सचिव शुक्रवार शाम उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला और चंडीगढ़ कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 वें चंडीगढ़ राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे साथ ही उन्होंने नगाड़ा बजाकर मेले का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर कार्मिक विभाग के सचिव स्वप्निल नायक, वित्त सचिव दिपर्वा लाकड़ा, कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक सौरभ अरोड़ा, पंजाब के राज्यपाल के प्रमुख सचिव विवेक प्रताप सिंह और चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव भी मौजूद थे।
प्रारंभ में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने मुख्य सचिव सहित सभी आगंतुकों का स्वागत किया और मेले के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने आमजन का मेले से खरीदारी करने का आह्वान किया। अंत में कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक सौरभ अरोड़ा ने अतिथियों का आभार जताया।
मुख्य सचिव ने नगाड़ा बजाकर किया चंड़ीगढ़ के कलाग्राम में राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का आगाज
