खरड /मीडिया जंक्शन-/विक्रांत/ रोशन): सेंट जॉन्स स्कूल (को-एड), खरड़ में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस बड़े उत्साह और वन्यजीव संरक्षण के प्रति दृढ़ संकल्प के साथ मनाया गया। इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाघों के संरक्षण, जैव विविधता के महत्व तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में डॉ. संतोष कुमार साहू, अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कंजर्वेशन हिमालयाज़, तथा डॉ. अरुणा कुमारी नेगी, अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ, कंजर्वेशन हिमालयाज़, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं श्री एस. पी. सिंह, सेवानिवृत्त एयरो ड्रोन मॉडलिंग एवं प्रशिक्षण विशेषज्ञ, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में प्रेरणादायक व्याख्यान, संवादात्मक जागरूकता सत्र और बाघ संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन तथा संकटग्रस्त वन्यजीवों की सुरक्षा की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की गई। अतिथियों ने अपने अनुभवों और रोचक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति का जिम्मेदार संरक्षक बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रश्नोत्तर सत्र रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से उत्साहपूर्वक संवाद किया। एक छात्र के प्रश्न के उत्तर में डॉ. संतोष कुमार साहू ने बताया कि प्रत्येक बाघ की धारियों का पैटर्न बिल्कुल अलग होता है, ठीक उसी प्रकार जैसे प्रत्येक व्यक्ति के उंगलियों के निशान अलग होते हैं। इसी आधार पर शोधकर्ता और वन विभाग प्रत्येक बाघ की पहचान और निगरानी करते हैं।
कार्यक्रम में श्री एस. पी. सिंह ने ड्रोन का लाइव प्रदर्शन भी किया, जिसने विद्यार्थियों को अत्यंत प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि आज ड्रोन तकनीक का उपयोग वन्यजीव संरक्षण में तेजी से बढ़ रहा है। ड्रोन की सहायता से बाघों के आवासों की निगरानी, वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर, जंगलों का हवाई सर्वेक्षण, शिकार और अवैध कटाई जैसी गतिविधियों का पता लगाने तथा वन विभाग को संरक्षण कार्यों में सहायता मिलती है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री पूनम आहूजा ने सभी विशिष्ट अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षिक कार्यक्रम विद्यार्थियों में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
विद्यालय प्रबंधन और छात्र परिषद की ओर से अतिथियों को वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और तकनीकी जागरूकता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की रक्षा तथा संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर ने सभी को यह संदेश दिया कि बाघों की रक्षा केवल एक प्रजाति को बचाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण करना है।
सेंट जॉन्स स्कूल (को-एड), खरड़ में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया
