वृक्षों के नीचे फेंके गए भगवान के पुराने खंडित चित्र को धार्मिक प्रथा के साथ विसर्जन किया जाएगा

चंडीगढ़ ( मीडिया जंक्शन- विक्रांत शर्मा/रोशन):- चण्डीगढ़ शहर में सड़क किनारे और वृक्षों के नीचे फेंके गए भगवान के पुराने खंडित चित्र, पुरानी धार्मिक पुस्तकें तथा अन्य पूजा का सामान इत्यादि को जगह जगह देख कर श्री ब्राह्मण सभा चण्डीगढ़ के अध्यक्ष तथा ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव यशपाल तिवारी ने गहरी संवेदना व्यक्त की। हालांकि कुछ लोग ऐसे सामान को मंदिरों में ले जाकर रख आते हैं लेकिन मंदिरों में भी सामान्यतः ऐसी कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती जो इसे एकत्रित करके उचित रूप से विसर्जित कर सके। तिवारी ने बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र के पूना में “विधिवत” नाम की एक संस्था से संपर्क किया। संस्था के प्रभारी रोहित शर्मा ने बताया कि वे मंदिरों में निर्धारित स्थान पर ये सब इकट्ठा करते हैं और जब काफी मात्रा में ऐसे मैटिरियल एकत्र हो जाता है तब इसे मैटेरियल के आधार पर अलग किया जाता है ताकि उसे रिसाइकिल कर के उचित उपयोग में लाया जा सके।
यशपाल तिवारी ने बताया कि चंडीगढ़ के सारंगपुर गांव में एक पुराना नर्मदेश्वर महादेव शिव मंदिर है जहाँ निरंतर हर रविवार को प्रदूषण रहित वातावरण स्थापित करने हेतु सामूहिक यज्ञ किया जाता है और खुला लंगर लगाया जाता है। शुद्ध वातावरण एवं प्रकृति संवर्धन के लिए अन्य संस्थाओं से मिलकर पेड़ पौधे लगाने का अभियान और उनकी उचित परवरिश के लिए बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को जागरूक किया जाता है। नर्मदेश्वर महादेव शिव मंदिर सारंगपुर चंडीगढ़ के मुख्य व्यवस्थापक यशपाल तिवारी ने चण्डीगढ़ निवासियों विशेषतः मंदिरों के पुजारियों, व्यवस्थापकों और श्रद्धालु भक्तों से अनुरोध किया कि वे अपने ऐसे सामान को नर्मदेश्वर महादेव शिव मंदिर सारंगपुर चंडीगढ़ में पहुंचा सकते हैं अथवा निम्न मोबाइल नंबर 9872209279 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने नगर निवासियों से आग्रह किया कि सर्व धर्म सम्मान की भावना से इस कुरीति उन्मूलन के लिए से सहयोग करें।
गौरतलब रहे क‌ई साल पहले इस कार्य को लेकर एक राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक संस्था हिंद संग्राम परिषद् रजि ने भी ये अभियान शुरू किया था लेकिन वो भी इस कार्य को ना जाने किस कारण इसे लगातार जारी नहीं रख सके। इसके अलावा गौ ग्रास सेवा रथ की परंपरा को शुरू करने वाली यही संस्था थी।

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