पचकूला (मीडिया जंक्शन/ विक्रांत):- नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की संसद में महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने की एक मजबूत पहल है। नारी शक्ति बंधन अधिनियम माहिलाओं के लिए एक मजबूत पहल यह कहना है भाजपा नेत्री विदेश संपर्क विभाग जिला महासचिव,कला संस्कृति जिला सहसंयोजक, एनजीओ फाउंडर समाज सेविका अनूप ठाकुर उर्फ अनु का । इसके अलावा अनु हिम एकता वेलफेयर महासंघ रजि पंचकूला हरियाणा की सलाहकार बतौर हिमाचली समुदाय के लिए कार्यरत हैं।
अनूप ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जिस तरह से खेलों को बढ़ावा मिला है—चाहे बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं हों, खिलाड़ियों को सम्मान , समर्थन मिला हो—उससे हमारे खिलाड़ियों का आत्मसम्मान काफी बढ़ा है।
आज भारत की बेटियां खेल के मैदान में दुनिया को चुनौती दे रही हैं अब इस कानून के जरिए देश के नेतृत्व में भी अपनी मजबूत भूमिका निभाएंगी।
यह नया भारत है, जहां महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं
नारी शक्ति वंदन कानून केवल एक अधिनियम नहीं, भारतीय समाज की उस सामूहिक चेतना का परिचायक है जो स्त्री-पुरुष समानता को हकीकत बनाना चाहती है
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की संसद में महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने की एक मजबूत पहल है।
यह ऐतिहासिक निर्णय लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देकर उन्हें निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करता है।यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि भारत में नारी सशक्तिकरण के नए युग का आरंभ है।
