कृष्ण कृपा परिवार की लगभग1100 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ दिव्य गीता सत्संग का शुभारंभ, भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर हुआ पूरा पंचकूला

पंचकूला,(मीडिया जंक्शन-/विक्रांत/ सुरेन्द्र गोयल):- श्री कृष्ण कृपा परिवार पंचकूला ट्रस्ट (रजि.) द्वारा परम पूज्य गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का शुभारंभ गुरुवार को अभूतपूर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री कृष्ण कृपा परिवार की लगभग 1100 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भव्य एवं विशाल कलश यात्रा निकाली, जिसने पूरे पंचकूला को धर्ममय और भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। शहर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण “जय श्रीकृष्ण”, “राधे-राधे” तथा गीता के जयघोषों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचकूला के मेयर एवं श्री कृष्ण कृपा परिवार के संरक्षक श्याम लाल बंसल एवं प्रधान जगमोहन गर्ग ने की। संत-महात्माओं के आशीर्वाद एवं वैदिक मंत्रों के बीच प्रारंभ हुई यह कलश यात्रा श्री राम मंदिर, सेक्टर-2 से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई इंद्रधनुष ऑडिटोरियम, सेक्टर-5 स्थित सत्संग स्थल पहुंची। कलश यात्रा में परम पूज्य गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज स्वयं श्रद्धालुओं के साथ शामिल रहे। उनके साथ पूज्य विश्वामित्र जी महाराज भी यात्रा में उपस्थित रहे। दोनों संतों के सान्निध्य से पूरी यात्रा आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत रही। यात्रा में शामिल महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सिर पर सुसज्जित कलश धारण कर भगवान श्रीकृष्ण के भजनों, संकीर्तन और जयघोष के साथ नगर भ्रमण किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। अनेक स्थानों पर जलपान एवं सेवा शिविर लगाए गए। धार्मिक ध्वजों, स्वागत द्वारों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित पंचकूला मानो एक आध्यात्मिक नगरी का स्वरूप धारण किए हुए था।
कलश यात्रा के उपरांत हरियाणा के कैबिनेट खेल मंत्री गौरव गौतम एवं राजेश नागर कैबिनेट मंत्री इंद्रधनुष ऑडिटोरियम स्थित कथा स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने परम पूज्य गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने महाराज श्री से प्रदेश एवं समाज की सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की तथा श्री कृष्ण कृपा परिवार द्वारा आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन की सराहना की।
अपने संबोधन में गौरव गौतम ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव जीवन का मार्गदर्शन करने वाला दिव्य ज्ञान है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। राजेश नगर जी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को गीता के संदेशों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मेयर श्याम लाल बंसल ने कहा कि पंचकूला सदैव धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। श्री कृष्ण कृपा परिवार द्वारा आयोजित यह दिव्य गीता सत्संग पूरे शहर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि समाज में सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति लोगों की आस्था निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
परम पूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने प्रथम दिव्य प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता जीवन का संविधान है। गीता हमें कर्म, भक्ति और ज्ञान का ऐसा मार्ग दिखाती है, जिससे व्यक्ति हर परिस्थिति में संतुलित, प्रसन्न और सफल जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की तनावपूर्ण परिस्थितियों में गीता के संदेश प्रत्येक व्यक्ति के लिए अमृत समान हैं। यदि प्रत्येक परिवार गीता को अपने जीवन में अपनाए तो समाज में शांति, सद्भाव और संस्कार स्वतः स्थापित हो जाएंगे।
श्री कृष्ण कृपा परिवार के प्रधान जगमोहन गर्ग ने कहा कि करीब 1100 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा परिवार के सभी सदस्यों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं की सेवा, समर्पण एवं संगठन शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि परिवार का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाकर समाज में संस्कार, सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक जागरण का विस्तार करना है। उन्होंने कहा कि परम पूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित यह तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग पंचकूला के धार्मिक इतिहास का एक अविस्मरणीय अध्याय बनेगा। उन्होंने पंचकूला, चंडीगढ़, मोहाली, जीरकपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से परिवार सहित सत्संग में पहुंचकर गीता के अमृतमय संदेशों का लाभ उठाने का आग्रह किया।
संयोजक परविंदर ढींगरा एवं महासचिव धर्मपाल सिंगला ने बताया कि तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का आयोजन 7 से 9 अगस्त तक प्रतिदिन सायं 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक इंद्रधनुष ऑडिटोरियम, सेक्टर-5 में होगा। प्रतिदिन स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के दिव्य प्रवचन, भजन-संध्या एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सत्संग के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए राधा रसोई प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए सैकड़ों स्वयंसेवक पिछले कई दिनों से विभिन्न व्यवस्थाओं में सेवा दे रहे हैं। पूरे शहर को धार्मिक ध्वजों, स्वागत द्वारों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। विशेष रूप से गीता चौक को भव्य रूप से सजाकर श्रद्धालुओं के स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इस अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट खेल मंत्री गौरव गौतम, मेयर एवं श्री कृष्ण कृपा परिवार के संरक्षक श्याम लाल बंसल, एस.पी. सिंगला, चेयरमैन श्रवण गर्ग, प्रधान जगमोहन गर्ग, प्रदीप गोयल, परविंदर ढींगरा, धर्मपाल सिंगला, वनीत जैन, सुशील बिंदल, दीपक लूथरा, बी.बी. गर्ग, सुरनेश सिंगला, रिम्पी गर्ग, परवीन अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, बृज लाल गर्ग, कैलाश मित्तल, तेजपाल गुप्ता, नरेश सांवरा, सतप्रकाश, मदन लाल बंसल, संजय गर्ग, साहिल गोयल, रूपाली जैन, सुमन ढींगरा, सीमा सिंगला, सुनीता लूथरा, सुनीता गोयल, सुनीता गर्ग, कुसुम गुप्ता, राज नागपाल, पार्षद अनुराधा पुरी, मनीषा, नीलम सहित श्री कृष्ण कृपा परिवार के अनेक पदाधिकारी, सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अंत में आयोजकों ने पंचकूला, चंडीगढ़, मोहाली, जीरकपुर तथा आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे 7 से 9 अगस्त तक प्रतिदिन आयोजित होने वाले दिव्य गीता सत्संग में अपने परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर परम पूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के दिव्य सान्निध्य एवं श्रीमद्भगवद्गीता के अमृतमय संदेशों का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह तीन दिवसीय आयोजन श्रद्धालुओं के जीवन में आध्यात्मिक जागृति, सकारात्मक ऊर्जा एवं सांस्कृतिक चेतना का नया संचार करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *