पंचकूला रेजिडेंट्स वेलफेयर काउंसिल ने सार्वजनिक पार्कों में बच्चों को खेलने से रोके जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की

मीडिया जंक्शन- विक्रांत, ब्यूरो चीफ,/पंचकूला, : पंचकूला रेजिडेंट्स वेलफेयर काउंसिल की बैठक रेडविशप होटल, सेक्टर-1, पंचकूला में काउंसिल के अध्यक्ष रणधीर सिंह बादरान एडवोकेट की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में उन घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई, जिनमें बच्चों को सार्वजनिक पार्कों में खेलते समय कथित रूप से रोका जाता है, डांटा जाता है, धमकाया जाता है या पार्क से चले जाने के लिए कहा जाता है।

काउंसिल ने कहा कि सार्वजनिक पार्क समाज के सभी वर्गों और सभी आयु वर्गों के लोगों के लिए होते हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। वर्तमान समय में बच्चे मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं। ऐसे में बच्चों के शारीरिक व्यायाम, मानसिक विकास तथा अन्य बच्चों के साथ सामाजिक मेल-जोल के लिए खुले स्थानों पर खेलना अत्यंत आवश्यक है।

काउंसिल ने विशेष रूप से कहा कि बच्चों को सार्वजनिक पार्कों में किसी परेशानी या व्यवधान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दौड़ना, गेंद से खेलना तथा अन्य आयु-उपयुक्त एवं सुरक्षित शारीरिक खेलों जैसी सामान्य गतिविधियों के लिए उचित स्थान और समय निर्धारित करके उन्हें खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए, बशर्ते वे पार्क के उचित नियमों का पालन करें।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रवि कांत, फाइनेंस सेक्रेटरी; आर. सी. शावनी; डॉ. पृथ्वी चंद्र शर्मा, प्रेस सेक्रेटरी; एस. एस. गडगला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष; राजीव भाटिया; अशोक नरंग, मीडिया सलाहकार; सुरेंद्र कुमार बैरागी, उपाध्यक्ष; ; अश्वनी गुप्ता तथा प्रकाश माना सहित काउंसिल के अन्य सदस्य एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।

काउंसिल ने यह भी चिंता व्यक्त की कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट, डराने-धमकाने, अभद्र भाषा, धमकी या अपमानजनक व्यवहार को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी किसी भी शिकायत की संबंधित अधिकारियों द्वारा उचित जांच की जानी चाहिए तथा यदि किसी प्रकार की गलत गतिविधि या अनुचित व्यवहार पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

काउंसिल ने प्रस्ताव रखा कि नगर निगम/नगर निकाय तथा वार्ड पार्षदों द्वारा पार्कों में बच्चों के लिए अलग खेल क्षेत्र अथवा उचित समय निर्धारित किया जाना चाहिए, विशेषकर छोटे पार्कों में जहां स्थान सीमित है। पार्कों में उचित सूचना-पट्ट, बुनियादी खेल सुविधाएं तथा सभी के लिए स्पष्ट और संतुलित नियम बनाए जाने चाहिए, ताकि बच्चे, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं तथा अन्य निवासी बिना अनावश्यक विवाद के शांतिपूर्वक पार्कों का उपयोग कर सकें।

काउंसिल ने पार्कों के नियमित निरीक्षण तथा प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था की भी मांग की, ताकि बच्चों और अन्य पार्क उपयोगकर्ताओं के बीच उत्पन्न विवादों का निष्पक्ष और शीघ्र समाधान हो सके। संबंधित अधिकारियों को बाल-अनुकूल पार्कों तथा बच्चों की सुरक्षा, गरिमा और बाहरी गतिविधियों की आवश्यकता के संबंध में जन-जागरूकता भी बढ़ानी चाहिए।

काउंसिल ने निर्णय लिया कि इस विषय को हरियाणा के मुख्य सचिव, डीजीपी हरियाणा, उपायुक्तों, नगर निगम/नगर निकायों, पुलिस तथा बाल कल्याण अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा और पूरे राज्य में इस संबंध में उचित दिशा-निर्देश एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

“बच्चे हमारे पार्कों में कोई परेशानी या व्यवधान नहीं हैं। वे हमारे समाज और हमारे भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पार्कों में बच्चों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों और अन्य निवासियों के लिए भी सुरक्षित, समावेशी और संतुलित वातावरण होना चाहिए।”

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