विक्रांत ब्यूरो/ मीडिया जंक्शन-/चण्डीगढ़ : ऑल इंडिया एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन (एएपीडब्ल्यूए) के प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब सरकार से राज्य में पूर्व अर्धसैनिक बलों के जवानों, शहीदों के परिवारों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में संस्था के महासचिव रणबीर सिंह,
हरभजन सिंह, पूर्व डीआईजी, सीआरपीएफ,
केजे मएस चीमा, पूर्व आईजी, बीएसएफ, एचआर सिंह, पूर्व डीजी, सीआरपीएफ तथा ए
आनंद निमाड़िया, पूर्व आई जी, आईटीबीपी आदि शामिल थे।
एसोसिएशन की ओर से पंजाब के मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है।
एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये जवान अपनी जान की परवाह किए बिना देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कर्तव्य निभाते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उनके पुनर्वास, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं और परिवारों के कल्याण की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
ज्ञापन में बताया गया कि 2 अगस्त 2024 को पूर्व अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधिमंडल ने तत्कालीन एडीजी पी. चुघ सिंह के नेतृत्व में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से चंडीगढ़ में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। एसोसिएशन के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस मामले में रक्षा सेवा कल्याण विभाग के माध्यम से उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि, एसोसिएशन का कहना है कि अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड के गठन का मुद्दा अभी तक लंबित है।
एसोसिएशन ने पंजाब में पूर्व अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में मोहाली, खरड़ और फतेहगढ़ साहिब क्षेत्र में सीजीएचएस डिस्पेंसरी अथवा वेलनेस सेंटर खोलने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार से पत्राचार करने का आग्रह किया गया है।
ज्ञापन के अनुसार, चंडीगढ़ में सीजीएचएस डिस्पेंसरी उपलब्ध है, लेकिन मोहाली में ऐसी सुविधा नहीं होने के कारण क्षेत्र के पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एसोसिएशन ने यह भी मांग की कि पंजाब में कार्यरत पूर्व अर्धसैनिक बलों के कल्याण से जुड़े संगठनों को सुचारु रूप से काम करने के लिए मोहाली में एसडीएम या डीसी कार्यालय परिसर में एक कमरा कार्यालय के लिए आवंटित किया जाए, ताकि जवानों और उनके परिवारों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा सके।
एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि पंजाब सरकार पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों के योगदान को ध्यान में रखते हुए जल्द अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय लेगी। संगठन का कहना है कि यह कदम सेवानिवृत्त जवानों, शहीदों के परिवारों और उनके आश्रितों के सम्मान, सुरक्षा तथा कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
