मीडिया जंक्शन- विक्रांत शर्मा ब्यूरो चीफ/चंडीगढ़, । ऑल इंडिया अम्बेडकर महासभा (रजि.), चंडीगढ़ प्रदेश की कार्यकारिणी का सेक्टर-30 स्थित श्री गुरु रविदास गुरुद्वारा के हॉल में विधिवत गठन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव भगतराज तिसावर तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुखराम चिनालिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने नवनियुक्त प्रदेश कार्यकारिणी को संगठन की मजबूती, विस्तार और बाबा साहेब की विचारधारा के प्रचार-प्रसार के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने दोनों राष्ट्रीय पदाधिकारियों का फूलों की माला पहनाकर और बुके भेंट कर स्वागत किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राकेश बहादुर एवं राष्ट्रीय प्रधान महासचिव श्री अमरीक सिंह बांगड़ की पूर्व स्वीकृति के उपरांत गठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
नवनियुक्त चंडीगढ़ प्रदेश कार्यकारिणी
* अध्यक्ष: राजबीर सिंह भारतीय
* प्रधान महासचिव: सुदेश खुरचा
*- वरिष्ठ उपाध्यक्ष: सुभाष धीमान
:- उपाध्यक्ष: मांगे राम कत्याल, जसपाल सिंह, जंगी भेनवाल एवं रॉबर्ट विलियम
*- महासचिव: आरिफ हुसैन एवं राज सिंह
* सचिव: -सोनू गोगलिया, विनोद घावरी एवं राकेश पुंहाल
*- संगठन सचिव: -लोकेंद्र
बाबा साहेब की विचारधारा को घर-घर पहुंचाना हमारा संकल्प : राजबीर सिंह भारतीय
चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की विचारधारा, नीतियों और भारतीय संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना महासभा की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन की एकता, अनुशासन और विस्तार के लिए मिलकर कार्य करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा, समानता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” केवल नारा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का मार्ग है। शिक्षा व्यक्ति को जागरूक बनाती है, संगठन सामूहिक शक्ति प्रदान करता है और लोकतांत्रिक संघर्ष अन्याय के विरुद्ध अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने की प्रेरणा देता है। इस संदेश को युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों, वंचितों और समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना आवश्यक है।
राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि बाबा साहेब किसी एक जाति, धर्म या समुदाय तक सीमित व्यक्तित्व नहीं थे। वे महान संविधान निर्माता, विचारक और समाज सुधारक थे, जिन्होंने समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व पर आधारित भारत के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक की गरिमा, अधिकारों और समान अवसरों की रक्षा का आधार है। इसकी मूल भावना की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि महासभा का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि जातिगत भेदभाव, अशिक्षा और सामाजिक असमानता के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाना, लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देना तथा न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण में योगदान देना है।
अंत में उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर जनहित में कार्य करने और बाबा साहेब के विचारों को अपने आचरण में अपनाने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि चंडीगढ़ प्रदेश की नई कार्यकारिणी संगठन को मजबूत बनाने के साथ शिक्षा, सामाजिक न्याय और समानता की आवाज को प्रभावशाली ढंग से बुलंद करेगी।
संदेश: शिक्षित बनो—संगठित रहो—संघर्ष करो। संविधान की रक्षा करो, समानता बढ़ाओ और सामाजिक न्याय का भारत बनाओ।
