नैतिक शिक्षा के साथ ब्रह्मज्ञान भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी : महात्मा एनके गुप्ता

मनीमाजरा/ चंडीगढ़ (मीडिया जंक्शन- विक्रांत):- संत निरंकारी सत्संग भवन, मनीमाजरा में शनिवार को निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन आशीर्वाद से बाल संत समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने गीत, एक्शन सॉन्ग, स्किट, कविता, कव्वाली और भाषण के माध्यम से आध्यात्मिक एवं सामाजिक संदेश प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बच्चों के विकास में माता-पिता, शिक्षकों और संस्थान के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चों को बेहतर शिक्षा, संस्कार और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अंग्रेजी माध्यम सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वही इस अवसर पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी का संदेश देने पहुंचे सेक्टर-45 एरिया के मुखी महात्मा एनके गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सतगुरु की शिक्षाओं को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को केवल नैतिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान की जानकारी भी देना आवश्यक है। नैतिक शिक्षा जहां परिवार और समाज में प्रेम, सेवा, अनुशासन, बड़ों के सम्मान और मधुर व्यवहार का संदेश देती है, वहीं ब्रह्मज्ञान मनुष्य को परमात्मा से जोड़कर जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी लगन, मेहनत और आत्मीयता के साथ करने तथा जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत एक स्किट में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के सादगीपूर्ण जीवन, नशामुक्त समाज के निर्माण और दहेज प्रथा के विरोध का संदेश भी दिया गया।
महात्मा एनके गुप्ता ने उदाहरण देते हुए कहा कि मनुष्य को हर परिस्थिति में निराकार प्रभु से जुड़े रहकर जीवन व्यतीत करना चाहिए। सच्ची श्रद्धा और विश्वास व्यक्ति को आंतरिक आनंद प्रदान करते हैं तथा ब्रह्मज्ञान जीवन को सार्थक बनाता है। उन्होंने कहा कि जैसे असंख्य बीजों में से वही बीज वृक्ष बनता है जिसे माली अवसर देता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी स्वयं को भाग्यशाली मानते हुए ईश्वर से जुड़कर जीवन को सफल बनाना चाहिए।
वहीं मनीमाजरा के मुखी महात्मा अमरजीत सिंह जी ने बाल समागम में आए जोनल इंचार्ज, संयोजक, खेतरिया संचालक और बाल समागम में आए बच्चों सभी निरंकारी श्रद्धालु का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों सतगुरु की शिक्षा के अनुसार अपना जीवन जीना चाहिए।
समागम में चंडीगढ़, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में निरंकारी श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में भाग लिया।

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