विक्रांत शर्मा ब्यूरो चीफ मीडिया जंक्शन-/
पंचकूला : सूचना का अधिकार आयोग, हरियाणा के 21वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत पंजाब के मुख्य सूचना आयुक्त श्री इंदरपाल सिंह धन्ना ने राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब श्री हरप्रीत सिंह संधू के साथ राज्य सूचना आयोग, हरियाणा का दौरा किया। इस अवसर पर दोनों राज्यों के सूचना आयोगों के बीच आपसी अनुभव साझा करने तथा सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्य सूचना आयुक्त श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने पंजाब से आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया तथा उन्हें सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता एवं सुगमता बढ़ाने के लिए हरियाणा आयोग द्वारा की गई विभिन्न पहलों की विस्तृत जानकारी दी।
पंजाब के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के कार्यालय परिसर एवं सुनवाई कक्षों का भी विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली, विशेषकर हाइब्रिड माध्यम से की जा रही सुनवाई की व्यवस्था के संबंध में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की।
अपने स्वागत संबोधन में श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने आयोग द्वारा किए गए संस्थागत सुधारों, महत्वपूर्ण पहलों एवं ऐतिहासिक निर्णयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पंजाब से संबंधित जनहित के विभिन्न मामलों में आयोग द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर की गई कार्रवाई तथा उसके व्यापक प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने आयोग की वर्तमान एवं आगामी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें शत-प्रतिशत हाइब्रिड सुनवाई, अपीलों एवं शिकायतों की ई-फाइलिंग, पेपरलेस कार्यप्रणाली, प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की सुविधा तथा प्रदेश के 25,000 राज्य जन सूचना अधिकारियों (SPIOs) एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों (FAAs) के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।
आयोग की संशोधित केस प्रबंधन प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अब प्रत्येक मामले को पंजीकरण एवं जांच की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसके बाद रजिस्ट्रार स्तर पर मामलों का आवंटन किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य मामलों की सूचीबद्धता एवं आवंटन में अधिक एकरूपता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करना है। उन्होंने आगे बताया कि पहले जहां प्रत्येक सूचना आयुक्त को विशिष्ट विभाग आवंटित किए जाते थे, वहीं नई व्यवस्था के तहत सूचना आयुक्त एक से अधिक विभागों से संबंधित मामलों की सुनवाई एवं निस्तारण कर सकेंगे। इससे मामलों के निपटान की प्रक्रिया अधिक सुचारु एवं प्रभावी बनेगी।
अपने संबोधन में पंजाब के मुख्य सूचना आयुक्त श्री इंदरपाल सिंह धन्ना ने हरियाणा आयोग द्वारा की गई नवाचारपूर्ण प्रशासनिक एवं तकनीकी पहलों की मुक्तकंठ से सराहना की। देश के विभिन्न सूचना आयोगों का दौरा करने के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत कम ऐसे उदाहरण देखने को मिले हैं, जहां हरियाणा आयोग की तरह इतने व्यापक स्तर पर संस्थागत नवाचार किए गए हों। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय पंजीकरण इकाई (Central Registration Unit) की स्थापना तथा विभिन्न पीठों के समक्ष मामलों की व्यवस्थित सूचीबद्धता की व्यवस्था की सराहना की।
उन्होंने पंजाब राज्य सूचना आयोग की कार्यप्रणाली एवं उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नागरिकों तक सूचना का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए आयोग निरंतर अतिरिक्त प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार की व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के लिए संस्थागत दक्षता, पारदर्शिता तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
इस संवादात्मक सत्र के माध्यम से दोनों राज्यों के सूचना आयोगों को अपने अनुभव, विचार एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां साझा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर पंजाब राज्य सूचना आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त एवं अन्य सूचना आयुक्तों को “RTI and Good Governance” शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक भी भेंट की।
इस अवसर पर हरियाणा के राज्य सूचना आयुक्त श्री अमरजीत सिंह, श्रीमती नीता खेरा, श्री करमवीर सैनी, श्री संजय मदान एवं श्री अजय सूरा भी उपस्थित रहे। आयोग के सचिव श्री सुरिंदर सिंह सहित आयोग का समस्त स्टाफ भी इस अवसर पर मौजूद रहा।
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