विक्रांत शर्मा ब्यूरो -मीडिया जंक्शन-/पंचकूला। नारी के सम्मान को केवल शब्दों तक सीमित न रखते हुए उसे समाज के सामने एक प्रेरणादायी पहचान देने की दिशा में देवा दुर्गा शक्ति ने एक अनूठी पहल की है। पंचकूला में पहली बार ऐसा भव्य नारी सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मेहनत, प्रतिभा, सेवा और समर्पण से समाज के लिए मिसाल कायम करने वाली 200 नारी शक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उन महिलाओं को सलाम करने का एक प्रयास है, जिन्होंने अपने जीवन में चुनौतियों को अवसर बनाया और अपने परिवार, समाज तथा राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देवा दुर्गा शक्ति का मानना है कि किसी महिला की उपलब्धि केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती है। इसी सोच के साथ समारोह में शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, प्रशासन, कला, खेल, उद्यमिता, धार्मिक एवं सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को मंच प्रदान किया जाएगा।
200 महिलाएं, 200 प्रेरणाएं, 200 कहानियां
इस समारोह की सबसे खास बात यह होगी कि मंच पर सम्मान पाने वाली प्रत्येक महिला की अपनी एक अलग कहानी होगी—किसी ने संघर्षों के बीच अपनी पहचान बनाई, किसी ने परिवार के साथ समाज की जिम्मेदारी निभाई, तो किसी ने अपनी प्रतिभा और सेवा से दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया।
देवा दुर्गा शक्ति की यह पहल संदेश देती है कि नारी को सम्मान देने के लिए किसी एक दिन का इंतजार नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके योगदान को पहचानना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आयोजकों ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल 200 महिलाओं को सम्मानित करना नहीं, बल्कि 200 प्रेरणाओं को समाज के सामने लाना है, ताकि उनकी उपलब्धियों से दूसरी बेटियों और महिलाओं को आगे बढ़ने का हौसला मिले।
पंचकूला में होने जा रहा यह आयोजन महिला सम्मान की दिशा में एक नई मिसाल कायम करने की ओर कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और आयोजन से जुड़ी टीम का प्रयास है कि समारोह में सम्मानित होने वाली प्रत्येक नारी शक्ति को ऐसा मंच मिले, जहां उसकी पहचान और योगदान को पूरे सम्मान के साथ समाज के सामने रखा जा सके।
देवा दुर्गा शक्ति का संदेश स्पष्ट है—
“जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं समाज की असली शक्ति का निर्माण होता है।”
