विक्रांत शर्मा ब्यूरो, मीडिया जंक्शन-/पंचकूला
काव्य कदम साहित्यिक संस्था हरियाणा के तत्वाधान में आज फियो होम्स -2 में ‘हरियाणा के वीर शहीदों’ की याद में एक कवि सम्मेलन किया गया। जिसमें विशेष रूप से मुख्य अतिथि सतीश कुमार गुप्ता रहे । डॉक्टर रेखा मित्तल अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहें और विशेष अतिथि के रूप में राजेश गावड़ी हरियाणा रोडवेज से और श्यामलाल शर्मा उपस्थित रहे। मंच संचालन निशा गर्ग दीपक्षम द्वारा सफलतापूर्वक किया गया और शानदार प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया गया। इसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत की गई सर्वप्रथम श्रवण पॉल ने बहुत शानदार गज़ल सुना कर सबका दिल जीता। ख़ुशतर काशिफ ने गज़ल से बहुत सुंदर प्रस्तुति दी- वादे थे जितने प्यार के सच्चे नहीं रहे,
रिश्तों के धागे अब यहाँ पक्के नहीं रहे।
करिश्मा वर्मा ने देशभक्ति पर सुनाया –
हम जी जी हां हां करते हैं, हम धरती को मां कहते हैं ।
शशि जड़ोदिया जी ने देशभक्ति पर इस प्रकार से सुनाया – शहादत को प्रणाम तुम्हारी हे अमर क्रांति वीर! तेरी कुर्बानी से टूटी गुलामी की हर जंजीर।
वही अश्विनी मल्होत्रा भीम ने ‘भोलू जी और नेकी कर दरिया में डाल’ पर एक हास्य सुनाकर सबको गुदगुदाया। दर्शन सुभाष पाहवा ने ऐसे सुनाया – तुमने तो वक्त बिताया सदा बहारों में , अब यहां ख़ार उगाने की जरूरत क्या है ?
डॉ रेखा मित्तल जो कि जापान से हिंदी का परचम फहरा कर अपने देश पधारी हैं। इन्होंने अपने श्रद्धा सुमन कुछ इस प्रकार अर्पित किए – श्रद्धा सुमन अर्पित करती हूं हरियाणा के वीर शहीदों को , करबद्ध नमन करती हूं शहीदों की शहादत को ।
इसी क्रम में ममता ग्रोवर ने अपनी व्यथा इस प्रकार सुनाई – सुना है वेदना जब -2 कलम तरसती है, हृदय के पन्नों पर वह स्वयं को स्वयं ही निहारती है । राजीव गुप्ता ने बहुत सुंदर प्रस्तुति दी – जन्म दिया है जिस मां ने, उसको पीछे छोड़ देते हैं ,वतन की खातिर सब अपने सपने तोड़ जाते हैं । कुसुम धीमान कलिका जो कि ऑस्ट्रेलिया से सम्मानित होकर लौटी हैं हिंदी दिवस के उपलक्ष में उन्होंने सुनाया – दिख जाती जब पावन प्रतिमा, इन नैनों से आंसू बहते ,वीरों के स्मारक सारे बलिदानों की गाथा कहते। सीमा चहल पुष्प ने श्रंगार रस पर सुनाया- तुम ही मेरा गहना, तुम ही मेरा श्रृंगार, मांग के साथ तुम्हारा रब से, मैने मांग लिया संसार।
मशहूर गजल कार राजन तेजी ने कुछ यूं सुनाकर वाहवाही लूटी – तलब देखने की जिसे ख्वाब में थी , करीब उसको पाया सवेरे सवेरे ।
बलवान सिंह मानव ने कुछ यूं सुनाया – तू!भगत सिंह बन जाना और चूम लेना फंदा, जब हर मां है भारत माता फिर क्यों भगत सिंह का मंदा? संदीप भगवाड़िया ने बहुत शानदार सुनाया मेरे जख्मों की तरफ तू भी नजर करके तो देख,
है गुजरता किस तरह तन्हा सफर करके तो देख।। अनीता नरवाल ने बहुत उम्दा गजल सुनाई
वकार अपना गिरा कर सलाम कौन करे,
अनापरस्त का भी एहतराम कौन करे।
श्याम लाल शर्मा ने भी अपनी रचना सुनाई । विशेष रूप से चरखी दादरी से पहुंचे सत्येंद्र जाखड़ अनाड़ी ने वीर रस ए हरियाणवी में अपनी रचना सुनाकर कमाल की प्रस्तुति दी।
इस प्रकार कार्यक्रम बहुत सफल रहा । आम पब्लिक ने बहुत आनंद उठाया और तालियों की गड़गड़ाहट से संस्था आशीर्वाद दिया । मीना जागलान ने बहुत सुंदर प्रस्तुति दी – मिट्टी की खुशबू में आज भी उन वीरों की कहानी है।
अन्य सुनाने वालों में रवि कटारिया, परवीन सुधाकर, सुशील कुमार कुंजू, कृष्ण, आदि ने अपनी रचनाएं सुनाकर तालियों से आशीर्वाद लिया। रामकुमार वर्मा , विश्वजीत सिंह शब्द ने मोबाइल पर संस्था को कवि सम्मेलन के लिए बधाई दी।मुख्य अतिथि सतीश कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा – बहुत सुंदर कार्यक्रम रहा। इस प्रकार से हम सबको देश के शहीदों का सम्मान करना चाहिए। डॉ रेखा मित्तल ने संबोधित किया- हिंदी के प्रचार प्रसार द्वारा देश के शहीदों को याद करना हमारे लिए गर्व की बात है। इस प्रकार से हमें देश के वीरों और हिंदी को सम्मान देने का अवसर मिल रहा है। राजेश गावड़ी ने कहा कि ये कवि सम्मेलन बहुत शानदार रहा और सब कवियों को बधाई दी। अन्य आम जन मानस ने भी भरपूर आनंद उठाया।।
हरियाणा के वीर शहीदों’ की याद में एक कवि सम्मेलन
