मुश्किल हालात में हनुमान चालीसा पढ़ रहा था. मैं हमेशा पढ़ता हूं.”: अदभुत चमत्कार:

मीडिया जंक्शन- विक्रांत शर्मा ब्यूरो:-
यह है हनुमत ऊर्जा: 180 यात्रियों को लेकर विमान उड़ा रहे पायलट पर सह पायलट चाकू से वार करता रहा और पायलट ने रुद्र अवतार वीर बजरंगी का जाप करते हुए चाकू से बार खाते रहे: माननीय प्रधानमंत्री ने कहा देश आपके स्वागत का इंतजार कर रहा: क्या है पूरा मामला: चन्द्रशेखर जोशी की रिपोर्ट

30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) जो इज़राइल के तेल अवीव जा रही थी, उसके कॉकपिट के अंदर सह-पायलट (को-पायलट) द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया और उन्हें छुरा घोंपा गया।

गंभीर रूप से घायल होने और अत्यधिक खून बहने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने नीचे गिरे होने और होश खोने की स्थिति में भी कॉकपिट का दरवाजा खोलकर अन्य क्रू सदस्यों और यात्रियों को अंदर आने का संकेत दिया, जिससे हमलावर को काबू में किया जा सके।

पायलट कैप्टन स्मित माछर ने कहा कि मैं नीचे गिरा था, मैं हनुमान चालीसा पढ़ कर रहा था. मैं सबको नहीं मरने दे सकता था. मैंने कोशिश की.

कैप्टन स्मित माछर एक अनुभवी भारतीय कमर्शियल पायलट हैं, जिन्हें फ्लाईदुबई (Flydubai) की उड़ान के दौरान सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देकर 180 से अधिक यात्रियों की जान बचाने के लिए एक वैश्विक नायक (Hero) के रूप में सराहा जा रहा है।

इस सूझबूझ के चलते विमान को सऊदी अरब के तबुक (Tabuk) में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी, जिससे एक बड़ा हवा में होने वाला हादसा टल गया।

कैप्टन स्मित माछर मूल रूप से गुजरात के कच्छ/सौराष्ट्र क्षेत्र के लोहाना समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और उनका परिवार मुंबई के घाटकोपर से है।

सऊदी अरब में शुरुआती इलाज के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए अबू धाबी (UAE) स्थानांतरित किया गया, जहाँ वे खतरे से बाहर हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।

मैं मुश्किल हालात में हनुमान चालीसा पढ़ रहा था. मैं हमेशा पढ़ता हूं.”
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